कई सालों बाद 2025 को फिल्मों में बदलाव की वजह से याद किया जाएगा। इस साल तीन फिल्मों ने कमाल किया, खास बात यह कि तीनों ही फिल्मों का कंटेंट अलग है। 'छावा' हिस्टोरिकल बायोपिक फिल्म है, तो 'सैयारा' रोमांटिक फैमिली फिल्म रही। जबकि, 'धुरंधर' ने सारे अनुमानों को झुठलाते हुए कमाई का नया कीर्तिमान बनाया। इन तीनों ही फिल्मों ने नए सितारों को भी जन्म दिया। विक्की कौशल और अहान पांडे नए हीरो बने तो अक्षय खन्ना को बतौर विलेन अलग पहचान मिली। साल के दौरान 17 फ़िल्में सौ करोड़ के क्लब में शामिल हुई। 70% फिल्मों को सफलता नहीं मिली। दुःख की बात यह भी रही कि इस साल मनोज कुमार, असरानी, धर्मेंद्र, कामिनी कौशल और संध्या शांताराम जैसे कलाकार इस दुनिया से विदा हो गए। एक और गौर करने वाली बात यह कि इस साल को 'खान मुक्त' साल भी कह सकते हैं।
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- हेमंत पाल
हिंदी सिनेमा के लिए यह यादगार साल साबित हुआ। कई फ्लॉप फिल्मों के बीच तीन अलग-अलग जॉनर की फिल्मों ने दर्शकों के दिलों को जीत लिया। ये अपने आप में अलग तरह का अनुभव कहा जा सकता है। ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म छावा, स्पाई थ्रिलर 'धुरंधर' और इमोशनल फैमिली फिल्म 'सैयारा' ने दर्शकों को थियेटरों तक खींचा। यही वजह है कि इस साल बॉक्स ऑफिस पर हिंदी फिल्मों ने 4000 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार किया। कुछ फिल्मों ने 500 से 600 करोड़ से ऊपर की कमाई कर रिकॉर्ड भी तोड़े। इस साल 100 करोड़ के क्लब में 17 से ज्यादा फिल्में शामिल हुईं, लेकिन, खास बात यह भी कि इस साल चुनिंदा हीरो-हीरोइन ही अपनी चमक बिखेर सके। दर्शकों पर जादू बिखेरने वाली फिल्मों ने भावनात्मक गहराई, एक्शन और सांस्कृतिक जुड़ाव से सफलता पाई। यह साल सफलताओं और असफलताओं का मिश्रण रहा। जबकि, कई बड़े सितारों की फिल्में उम्मीदों से पीछे रहीं। 100 से अधिक हिंदी फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से लगभग 10 से 15 ने हिट या सुपरहिट का दर्जा पाया, जबकि 70% से ज्यादा फ्लॉप साबित हुईं। 'छावा' ने विक्की कौशल की अगुवाई में 585.7 करोड़ कमाए, जो ऐतिहासिक बायोपिक का नया रिकॉर्ड बना।
'धुरंधर' (रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना) ने 650 करोड़ से ज्यादा की कमाई के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस फिल्म का अक्षय खन्ना का नेगेटिव रोल दर्शकों के दिलों में उतर गया। 'सैयारा' (अहान पांडे, अनीत पड्डा) ने 329.73 करोड़ कमाकर रोमांटिक धमाका किया। 'महावतार नरसिम्हा' (188.24 करोड़ नेट) और 'रेड-2' (173.44 करोड़ नेट) ने भी मजबूती से प्रदर्शन किया। आमिर खान की 'सितारे जमीन पर' ने इमोशनल अपील से 166.19 करोड़ की कमाई की। ये फिल्में दर्शकों को जोड़ने वाली कहानियों पर बनीं, जहां ट्रेलर वायरल होने से ओपनिंग दिन 20-30 करोड़ तक पहुंची। कहा जा सकता है कि ये कंटेंट-ड्रिवेन फिल्में स्टार पावर पर भारी पड़ीं। 17 फिल्मों ने 100 करोड़ क्लब में जगह बनाई। लेकिन, जॉली एलएलबी-3 (113 करोड़) ने भी उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया। इन फिल्मों को सिर्फ सफलता ही हाथ नहीं लगी, कई फ़िल्में घाटे का सौदा रही। खासकर स्टार-कास्ट वाली कई फिल्में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। 'सिकंदर' (सलमान खान) ने 110.36 करोड़ नेट बनाए, लेकिन 200 करोड़ बजट के आगे फ्लॉप रही। 'हाउसफुल-5' (अक्षय कुमार) ने 183.38 करोड़ नेट कमाए, जो एवरेज साबित हुई। 'केसरी चैप्टर-2' और 'स्काई फोर्स' जैसी फिल्मों ने घाटा झेला, जहां 100-125 करोड़ नेट कमाई के बावजूद बजट रिकवर नहीं हुआ। 'इमरजेंसी' (कंगना रनौत) ने मात्र 18.4 करोड़ नेट कमाए, जो एक बड़ा झटका था। 'ठग लाइफ' जैसी साउथ डबिंग फिल्म भी फेल रही। कुल मिलाकर, 50 से अधिक हिंदी रिलीज में से आधी फ्लॉप या घाटे में रहीं, ये दर्शाता है कि बेहतर कंटेंट की कमी है।
जहां तक कलाकारों के जलवे की बात है तो विक्की कौशल सबसे सफल हीरो साबित हुए, 'छावा' की ब्लॉकबस्टर से वे करियर की ऊंचाई पर पहुंचे। अभी तक उन्हें सीरियसली नहीं लिया जाता था, पर 'छावा' से उन्होंने अपनी प्रतिभा का आकलन करवा दिया। लंबे अरसे बाद रणवीर सिंह ने 'धुरंधर' से कमबैक किया। लेकिन, सिनेमा घर से बाहर निकलने वाला दर्शक उन्हें याद नहीं करता। इस फिल्म में अक्षय खन्ना नेगेटिव रोल्स में जमकर चमके। इस फिल्म से उनकी विलेन की कालजयी इमेज बनी। आमिर खान ने 'सितारे जमीन पर' से फैमिली ऑडियंस का दिल तो जीता, पर उतना नहीं, जितनी उम्मीद की गई थी। जबकि, हीरोइनों में रश्मिका मंदाना (छावा) और अनीत पड्डा (सैयारा) ने मजबूत पकड़ बनाई। दिव्या दत्ता ने 'छावा' में सपोर्टिंग रोल से सराहना बटोरी। ये सभी इसलिए अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे कि इन्हें कंटेंट-ड्रिवेन फिल्मों में काम करने मौका मिला।
तीन फिल्मों ने अपना जलवा दिखाया
ऐतिहासिक महाकाव्य का तूफान बनकर आई 'छावा' ने 2025 की शुरुआत धमाकेदार तरीके से की। विक्की कौशल अभिनीत यह फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज की वीरगाथा पर आधारित थी, जिसमें अक्षय खन्ना ने औरंगजेब का शक्तिशाली किरदार निभाया। रिलीज के पहले ही सप्ताह में 121 करोड़ का ओपनिंग वीकेंड दर्ज कर, यह वर्ष की सबसे बड़ी हिंदी हिट बनी। फिल्म में 808 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया। रश्मिका मंदाना की येसूबाई भूमिका ने भावनात्मक गहराई दी, जबकि एआर रहमान का संगीत सुपरहिट रहा। फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बनाए, बल्कि ऐतिहासिक ड्रामा के प्रति दर्शकों की भूख भी उजागर की। इसके बाद 'सैयारा' से न्यूकमर्स का सनसनीखेज रोमांस पनपा। अहान पांडे और अनीत पड्डा की इस डेब्यू फिल्म ने सभी को चौंका दिया। मोहित सूरी निर्देशित यह रोमांटिक ड्रामा 21 करोड़ ओपनिंग से शुरू होकर 570 करोड़ वर्ल्डवाइड तक पहुंची। इस फिल्म ने 'सुल्तान' और '3 इडियट्स' जैसी क्लासिक फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया। पांच दिनों में 133 करोड़ नेट कमाकर 'सैयारा' बड़ी हिट बनी। आईएमडीबी पॉपुलैरिटी में अहान नंबर 1 और अनीत नंबर 2 पर रहे, जो सोशल मीडिया का कमाल था। फिल्म ने साबित किया कि सशक्त स्क्रिप्ट और केमिस्ट्री किसी भी स्टारडम से बहुत ऊपर है।
इसके बाद साल के अंत में आई 'धुरंधर' ने दिसंबर में तो मानों तहलका ही मचा दिया। सिर्फ दो सप्ताह में देश में 483 करोड़ और वर्ल्डवाइड 739 करोड़ कमाकर इस फिल्म ने 'छावा' को भी पछाड़ दिया। 'छावा' के बाद इस फिल्म में भी अक्षय खन्ना ने विलेन की भूमिका निभाई और अपनी अभिनय क्षमता को नई ऊंचाई दी। थर्ड वीकेंड में 103 करोड़ ओपनिंग के साथ तीसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड ओपनर बनी। फिल्म ने एक्शन और ड्रामा का परफेक्ट ब्लेंड पेश किया, जो दर्शकों को थियेटर में बांधे रखा। अभी तक अपनी फिल्मों में जिस कलाकार को लगभग भुला दिया जाता था, 'धुरंधर' के आने से दर्शकों को सिर्फ अक्षय खन्ना ही याद रहता है।
रीजनल सिनेमा भी पीछे नहीं रहा
इस साल बॉलीवुड से लेकर साउथ तक, कई फिल्मों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया। बड़े बजट, बड़े स्टार और हाई प्रमोशन के बावजूद बॉलीवुड दर्शकों और क्रिटिक्स को प्रभावित करने में पिछड़ता नजर आया। इस साल ने एक बार फिर साबित किया कि रीजनल सिनेमा तेजी से दर्शकों में अपनी जगह बनाकर आगे बढ़ रहा है और फिल्म में कंटेंट ही असली बादशाह है। रिलीज हुई गुजराती फिल्म फिल्म 'लालो कृष्ण सदा सहाते' एक रिक्शा ड्राइवर की कहानी है, जो एक फार्म हाउस में फंस जाता है और उसे भगवान कृष्ण के होने का अहसास होता है। इससे उसकी जिंदगी बदल जाती है। इस फिल्म को आईएमडीबी पर 8.7 की रेटिंग मिली। 1950 के मद्रास की कहानी दिखाने वाली फिल्म 'कांथा' एक सोशल ट्रांसफॉर्मेशन की कहानी दिखाती है। फिल्म में भारत की स्वतंत्रता के बाद हुए बदलावों पर फोकस किया गया। फिल्म में दुलकर सलमान लीड रोल में हैं। इसे 8.4 की रेटिंग मिली है।
ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांथारा चैप्टर 1' सिनेमाघरों में छाई रही। फिल्म की कहानी कदंब राजवंश काल के दौरान की है। इसे 8.3 रेटिंग मिली। दिनजीत अय्यथन के निर्देशन में बनी मलयालम की मिस्ट्री फिल्म 'ईको' को भी अच्छी रेटिंग मिली। फिल्म में संदीप प्रदीप, सिमी जी फी और शाहीर मोहम्मद लीड रोल में हैं। फिल्म को 8.3 की रेटिंग मिली हैं। एम शशिकुमार और सिमरन स्टार की कन्नड़ फिल्म 'टूरिस्ट फैमिली' की कहानी एक श्रीलंका के परिवार पर केंद्रित हैं, जो भारत में नई शुरुआत करने के लिए आता है। इसे 8.2 की रेटिंग मिली। इसी तरह की फिल्म 'बौ बुट्टू भूता' एक बच्चे बुट्टू और उसकी मां की कहानी, जो ओडिशा के एक गांव में रहते हैं। बिट्टू की चाहत है कि वो कहीं और जाकर बेहद जिंदगी जिएं। इसे 8.2 की रेटिंग मिली।
'होमबाउंड' ने रीजनल में जगह बनाई
ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर स्टार नीरज घावन की फिल्म 'होमबाउंड' भी काफी चर्चित रही। नॉर्थ इंडिया के गांव से निकले दो दोस्ती पुलिस की नौकरी की तैयारी करते दिखाए गए हैं। दोनों के बीच तनाव पैदा होगा और कहानी गंभीर हो जाती है। फिल्म को 8.0 की रेटिंग मिली। ये अकेली हिंदी फिल्म है, जो आईडीबीआई रेटिंग की दस फिल्मों में शामिल हुई। आसिफ अली, अनसवारा राजन और मनोज के जायन स्टारर फिल्म 'रेखाचित्रम' को 7.9 की रेटिंग मिली है। कहानी मजेदार है और रहस्य से भरी हुई है। 'कोर्ट स्टेट वर्सेस ए नोबडी' फिल्म कहानी में एक भावुक बचाव वकील न्याय प्रणाली में पूर्वाग्रह और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता है, जबकि वह एक किशोर मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करता है जिसे गलत तरीके से एक गंभीर अपराध का दोषी मान लिया गया है। फिल्म को 7.9 की रेटिंग मिली। जबकि, 'बाइसन' को 7.8 की रेटिंग मिली है। फिल्म में एक नौजवान की कहानी दिखाई गई, जो अपने गांव में फैली हिंसा से लड़ने और एक प्रोफेशनल कबड्डी प्लेयर बनने के लिए लड़ता है।
2025 साल का सबसे बड़ा सबक यह है कि 'कंटेंट ही राजा' है। यह साल साबित करता है कि दर्शक स्टोरी और परफॉर्मेंस चाहते हैं। छावा, सैयारा, धुरंधर जैसी फिल्मों ने फ्लॉप फिल्मों के बीच बड़ा धमाका किया और बॉक्स ऑफिस को रिकॉर्ड ऊंचाई दी। इससे यह भी लगता है कि आने वाले समय में ऐतिहासिक और रोमांटिक कहानियों वाले जॉनर मजबूत रहेंगे। साल का दुखद पहलू यह रहा कि मनोज कुमार, धर्मेंद्र और असरानी हमेशा के लिए विदा हो गए। जबकि, कामिनी कौशल और संध्या शांताराम ने भी अपनी पारी पूरी कर ली।
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